सीतामढ़ी, अप्रैल 19 -- सीतामढ़ी। जानकी नवमी के अवसर पर मां जानकी जन्म भूमि पुनौराधाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में वैशाख शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि शनिवार को जगतगुरू पद्मविभूषण तुलसी पीठाधीश्वर श्रीराम भद्राचार्य जी महाराज की श्रीमुख से श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथा शुभारंभ के पूर्व पंडित अवधेश शास्त्री वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गुरु पूजन कराया। जगतगुरू ने श्रीराम कथा के पहले दिन सीता के गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि उनके एक अंश से अग्नि, उमा व ब्रह्माणी प्रकट होती हैं। राम व सीता एक ही है। मिथिला में सिया और अयोध्या में किशोरी के रूप में जानी जाती हैं। अयोध्या में किशोर के रूप में पहले प्रभु श्रीराम व मिथिला में किशोरी के रूप में सिया जी प्रकट हुई है, जो कोई भी वात्सल्य भाव से सिया जी की आराधना करेगा, उसे वह प्राप्त होती हैं। इसलिए सिया जी ...
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