भागलपुर, मार्च 26 -- एकचारी स्थित रसलपुर चैती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री शिव शक्ति महायज्ञ के सातवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। यज्ञ मंडप की परिक्रमा तथा स्थापित देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन की पवित्र ध्वनि से भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर चल रही शिवमहापुराण कथा में कथावाचक महंत राधेश्याम व्यास जी महाराज ने तुलसी की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि तुलसी मुख्यतः दो प्रकार की होती है, हरे पत्तों वाली 'राम तुलसी' और श्याम वर्ण की 'श्याम तुलसी'। राम तुलसी के पत्ते अलग-अलग होते हैं, जबकि श्याम तुलसी के पत्ते गुच्छेदार रूप में पाई जाती है, जिसे तुलसी दल कहा जाता है। कहा कि तुलसी का पूजन जीवन को पवित...