तुर्की के जेहान पोर्ट की क्या है क्षमता, भारत के लिए बन सकता है होर्मुज का विकल्प?
नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तनाव ने दुनिया भर के समुद्री नक्शे को बदलकर रख दिया है। इस संकट के बीच तुर्की के दक्षिणी हिस्से में स्थित जेहान बंदरगाह अचानक केंद्र में आ गया है। अपनी उपजाऊ कृषि भूमि के लिए पहचाने जाने वाला तुर्की का कुकुरोवा क्षेत्र अब एक विशाल ऊर्जा केंद्र का रूप ले रहा है। जेहान भूमध्य सागर के तट पर स्थित है और अडाना प्रांत के कुकुरोवा क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी, जेहान नदियों के पानी के साथ-साथ कपास, गेहूं, मक्का और खट्टे फलों की पैदावार के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका रणनीतिक स्थान और पाइपलाइनों का नेटवर्क है।क्या है पाइपलाइन की क्षमता? यह अजरबैजान से जॉर्जिया के रास्ते जेहान तक कच्चा तेल लाती है। वर्तमान में इससे प्रतिदिन 6,00,000 बैरल तेल भेजा जा र...
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