रांची, जुलाई 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने डुमरी की तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अन्वेषा ओना को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं की एफआईआर और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी कर्मचारी को केवल तुम-ताम या मेरे-तेरे कहकर संबोधित करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि आरोपों को पूरी तरह सही मान लेने पर भी बीडीओ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक धमकी तथा शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान करने जैसे किसी भी अपराध का प्रथम दृष्टा मामला नहीं बनता。

बैठक में अभद्र व्यवहार पर केस मामले में आरोप था कि ड...