मुजफ्फरपुर, मई 18 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। इस बार लीची की फसल खराब होने से किसान और व्यापारियों को तुड़ाई में दोगुनी राशि खर्च करनी पड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले बार लीची से आमदनी का 20 फीसदी तुड़ाई और पैकेजिंग पर खर्च हो रहा था, जो इस बार 40 फीसदी पर पहुंच गया है।

फसल की स्थिति व्यापारियों का कहना है कि मौसम की मार से जिले में 20 से 30 फीसदी ही लीची बची है। फल का आकार भी छोटा है, जिससे एक किलो में 60 से 65 लीची आ रही है। बीते वर्ष 35 से 40 लीची ही एक किलो हो जा रही थी। छोटे फल देख स्थानीय व्यापारी बाहर का ऑडर नहीं लेना चाह रहे। वहीं, तुड़ाई के समय किसानों को बकाया देने की बात कहने वाले व्यापारियों के किसानों को पैसे देने में पसीने छूट रहे हैं।

व्यापारियों की राय कांटी के व्यापारी भोला त्रिपाठी ने बताया कि दस ...