रुद्रप्रयाग, नवम्बर 6 -- तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। गुरुवार को तुंगनाथ मंदिर में सुबह पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद करने की कार्यवाही की गई। पूर्वाह्न 11:30 बजे मंदिर का गर्भ गृह के द्वार बंद कर दिए गए, जिसके बाद भगवान की चल विग्रह डोली ने चोपता के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान मंदिर को फूलों से सजाया गया था। गुरुवार सुबह भगवान तुंगनाथ के मंदिर में भक्तों की भीड़ जमा हुई। सभी भक्तों के दर्शन के बाद मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना की गई। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में साढ़े दस बजे से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ हवन और पूजा के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया। पूर्वाह्न साढ़े 11.30 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतका...