प्रयागराज, अगस्त 4 -- सावन के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का दुर्लभ और बेहद शुभ महासंयोग बन रहा है। मास की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि का आरंभ 16 अगस्त को शाम 6.47 बजे से हो रहा है लेकिन पर्व उदया तिथि की वजह से 17 अगस्त को मनाया जाएगा। उत्थान ज्योतिष व आध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि नागपंचमी पर सुबह 6.47 के बाद से रात तक चित्रा नक्षत्र व्याप्त रहेगा। दिन में साध्य व शुभ योग बन रहा है। ऐसे दुर्लभ संयोग में रुद्राभिषेक व नागदेव का पूजन-अर्चन करना अभीष्ट की प्राप्ति का कारक बनेगा। इतना ही नहीं नागपंचमी पर शुभ योग, सिद्धि योग व अमृत सिद्ध योग भी व्याप्त रहेगा। यह भी पढ़ें- नागपंचमी 2026: इन 3 मंत्रों के जाप से मिलेगी शिव कृपा, नोट करें पूजा का मुहूर्त झूंसी स्थित स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य...