रायबरेली, जून 6 -- शिवगढ़। कस्बे में स्थित श्री राम जानकी मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास द्वारिका जी महराज ने भगवान शिव और मां पार्वती के विवाह का बड़ा ही सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि विवाह सम्पन्न होने के बाद पार्वती जी के माता पिता ने उनको पति की सेवा को स्त्री की सबसे बड़ी पूजा और सबसे बड़ा धर्म बताकर विदा किया था। यह भी पढ़ें- बासुकीनाथ के विद्या भवन में नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन

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