भभुआ, मार्च 9 -- बीसवें रोजे के मगरिब से चांद की रात तक मस्जिद में रहकर करते हैं एतकाफ आखिरी अशरे में पांच ऐसी रात होती है जिसमें शब एक कद्र की करते हैं तलाश 03 अशरा होता है रमजान माह में (पेज चार की बॉटम खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। रमजान का तीसरा अशरा 10 मार्च की रात से शुरू होगा। इस अशरा में रोजेदार गुनाहों की माफी के लिए अल्लाह-तआला की इबादत करते हैं। कहा जाता है कि इस अशरे में इबादत करने से जन्नत नसीब है। इसमें इबादत करने से लोगों के गुनाह माफ हो जाते हैं। अल्लाह भी इबादत करने वालों के लिए जन्नत के द्वार खोल देते हैं। इसी अशरे में एतकाफ भी किया जाता है, जो गुनाहों के माफ होने का एक बड़ा जरिया है। मोहनियां के मदरसा असराफुल उलूम के हाफिज अकबर ने बताया कि 20वें रोजा की रात से तीसरा अशरा शुरू होगा। रमजान में 20वें रोजे के मगरिब से शुरू ...