प्रयागराज, जनवरी 14 -- मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से मानव धर्म मंदिर अल्लापुर में सद्भावना सत्संग ज्ञान यज्ञ का बुधवार को समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर आश्रम प्रभारी संत सारथानंद ने कहा कि तीर्थों में संतों के जंगम तीर्थरूपी तत्वज्ञानियों के आगमन से हृदय में ब्रह्मज्ञान की संक्रांति होती है। संत अपने सद्गगुणों से हृदय की ब्रह्मज्योति को एकात्म करा देते हैं। साध्वी गंभीरा बाई ने कहा कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता सच्ची भक्ति में है। भक्ति के मार्ग में परेशानियां जरूर हैं लेकिन आत्मिक संतुष्टि अनंत है। मुख्य वक्ता चंदन बाई ने कहा कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए भक्ति ही श्रेष्ठ मार्ग है। साध्वी पद्मावती बाई और समुना बाई ने मकर संक्रांति के अवसर पर सूर्य के उत्तरायण होने के महत्व पर प्रकाश डाला। सारथानंद ने भजन चुनरिया रंग लो जी हरिन...