रांची, नवम्बर 4 -- रांची, विशेष संवाददाता। चौकीदार नियुक्ति की दौड़ में महज तीन सेकेंड की देरी किसी दिव्यांग अभ्यर्थी को नौकरी के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती। झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका चौकीदार नियुक्ति मामले में सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने दिव्यांग अभ्यर्थी को नियुक्ति का हकदार मानते हुए राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। मामला जिले में चौकीदार के 328 पदों पर नियुक्ति से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ज्योतिका पाल दिव्यांग श्रेणी की अभ्यर्थी थी और लिखित परीक्षा में सफल हुई थी। इसके बाद आयोजित शारीरिक परीक्षा में उसे सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही दौड़ में शामिल किया गया। उसे दिव्यांगता के अनुरूप न तो अतिरिक्त समय दिया गया और न ही कोई विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। याचिकाकर्...