रामपुर, अप्रैल 22 -- रामपुर। छोटी-सी बात बिगड़ जाए तो रिश्ते भी टूट जाते हैं, समय रहते रिश्तों में आई दरार को पाटा नहीं गया, तो हसंता खेलता परिवार बिखर जाता है। जरा-सी न समझी और स्वाभिमान की जिद में करीबी रिश्ते झुलस रहे हैं। कुछ न्याय की आस में अदालत में हैं, तो कुछ मामले परिवार परमार्श केंद्र में सुलझाए जा रहे हैं। टूटते रिश्तों को जोड़ने के लिए परिवार परामर्श केंद्र में परामर्श की डोर अहम कड़ी बन रही है। इसका ही परिणाम है कि तीन साल में आए 1155 प्रार्थना पत्रों में 454 टूटे रिश्तो को जोड़ा गया है। हालांकि,290 परिवारों के बीच बात नहीं बन पाई। जिस कारण इनके केस दर्ज किए गए।सहनशीलता की कमी और अविश्वास से बड़ी घटनारामपुर। परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर का मानना है कि लोगों में सहनशीलता की कमी और अविश्वास से शिकायत बढ़ गई है। लेकिन, लगातार दोनो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.