धनबाद, जुलाई 23 -- धनबाद, विशेष संवाददाता। कोयला मंत्रालय ने नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में आरोह: खान बंद करने पर वार्षिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें खदान बंद करने, पारिस्थितिक बहाली और खनन के बाद भूमि के सतत उपयोग के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने में भारत की प्रगति को उजागर किया गया है। पहली बार वैज्ञानिक तरीके से बंद 42 खदानों की रिपोर्ट जारी की गई। मौके पर कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से बंद खदान देशभर में पुनः प्राप्त खदान भूमि को नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण-पर्यटन, जल संरक्षण, कृषि, सामुदायिक बुनियादी ढांचे और स्थायी आजीविका सृजन के लिए पुन: उपयोग में लाया जा रहा है। बंद 42 कोयला खदानों में से 33 खदानें बीते साल 2025 में बंद की गई हैं। अगले दो से तीन वर्षों में 147 और खदानों को वैज्ञानिक तरीके से बंद ...