प्रयागराज, जुलाई 8 -- प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के 11 लाख से अधिक निरक्षरों ने तीन साल में शब्दों से दोस्ती कर ली। नाती-पोते खिलाने की उम्र में पढ़ाई-लिखाई का जुनून इस कदर चढ़ा की सारे वर्जनाएं, संकोच और झिझक छोड़कर कॉपी-कलम उठा ली। साल 2026 में तो रिकॉर्डतोड़ लगभग चार लाख निरक्षरों ने साक्षरता परीक्षा पास की है। भारत सरकार ने वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के संचालन की मंजूरी दी थी। इसके तहत पंजीकृत 15 साल से अधिक आयुवर्ग के निरक्षरों को अनौपचारिक दी जानी है और हर साल दो परीक्षाएं होती है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से मार्च 2023 से अब तक सात परीक्षाएं हो चुकी है जिनमें कुल पंजीकृत 13,81,530 लोगों में से 11,68,292 सफल रहे हैं। फिलहाल यह योजना प्रदेश के लगभग 960 नगर क्षेत्र/विकास खंडों मे...