मुंगेर, जुलाई 29 -- जमालपुर, निज प्रतिनिधि। एशिया प्रसिद्ध जमालपुर रेल इंजन कारखाना आधुनिक रेल तकनीक की दौड़ में लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2023 में रेलवे बोर्ड द्वारा इलेक्ट्रिक इंजन के पीरियॉडिकल ओवरहॉलिंग (पीओएच) का कार्य सौंपे जाने के बावजूद तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कारखाने को एक भी इलेक्ट्रिक इंजन का वर्कलोड वापस नहीं मिल सका है। इससे करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य का अपेक्षित लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के तत्कालीन डीडी (डीईवी)/डीएमई (पी)-1 पारस महेंद्रीरट्टा ने 27 मार्च 2023 को अपने जारी पत्रांक 22/एम(डब्ल्यू)814/2 के माध्यम से भारतीय रेल के 17 जोन एवं 28 वर्कशॉप को नई जिम्मेदारियां सौंपी थीं। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जमालपुर वर्कशॉप को पहली बार दो इलेक्ट्रिक इंजनों...