अलीगढ़, मार्च 13 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। आज रमजान माह की अलविदा जुमे की नमाज है। मगर, ये दो बार भी हो सकती है। ये चांद की तारीख पर निर्भर करेगा। गुरुवार के बाद चांद दिखा तो एक और अलविदा जुमे की नमाज हो सकती है। आजर एकेडमिक सोसाइटी के महासचिव मुशर्रफ हुसैन महजर ने बताया कि आज अलविदा जुमे की नमाज है। रमाजन के चार शुक्रवार को ये होती है। मगर, इस बार इत्तेफाक से पांच शुक्रवार हैं। अब चांद की तारीख के हिसाब से अलविदा जुमा माना जाएगा। इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी तरह का संयोग बना था। वैसे चौथे जुमे को अलविदा जुमा की नमाज मानकर अदा की जाती है। ऐसे में चांद गुरुवार को दिखा तो शुक्रवार की ईद मानी जाएगी। वैसे 21 मार्च की उम्मीद ज्यादा लग रही है। ऐसा होता है तो अलविदा जुमा तीन साल पहले की तरह दो बार होगा।रमजान का समयइफ्तार (13 मार्च) रोजा श...