देवरिया, अगस्त 4 -- देवरिया, निज संवाददाता। तीन माह में जिले की 482 आशाओं ने एक भी प्रसव नहीं कराया है। इस साल अप्रैल से जून तक उक्त आशाओं का प्रसव संख्या शून्य रहा है। इसका खुलासा जिलााधिकारी की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में हुआ है। डीएम के निर्देश पर शून्य प्रसव कराने वाली आशाओं को रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जायेगी। डीएम के निर्देश पर पीएचसी पर आशाओं को ट्रेनिंग दी जायेगी।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव बढ़ाकर मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आशा संगिनी व आशा की तैनाती की गयी है। उनके द्वारा गर्भवती महिलाओं की जानकारी कर उनका टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव कराने की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए उन्हे प्रोत्साहन राशि मिलती है। जिले में कुल 2753 आशा वर्करों की तैनाती की...