कुशीनगर, मई 23 -- कुशीनगर। दिन प्रतिदिन तपिश का असर बिजली आपूर्ति पर बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि तीन महीने में बिजली की डिमांड में 40 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। नतीजा यह है कि तेज धूप और भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर एवं तार जवाब दे जा रहे हैं। जर्जर हो चुके तार अक्सर पिघलकर कहीं न कहीं गिर जा रहे हैं, जिससे बिजली गुल हो जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से जूझना पड़ रहा है। शुक्रवार को मौसम का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके पहले गुरुवार को भी यही स्थिति थी। ऐसे हाल में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। बीते साल मई महीने से तुलना की जाए तो बिजली की डिमांड और खपत में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मई 2025 में 90 मेगावाट बिजली की डिमांड थी, जो इस साल...