वाराणसी, मार्च 15 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। नागरी नाटक मंडली के मुरारीलाल मेहता प्रेक्षागृह के मंच पर शनिवार की शाम तीन पढ़ियों के कलाकार एक साथ चार सितार लेकर आसीन हुए। उनके सितारों की झनकार ने संगीत का अद्भुत संसार रचा। अवसर संगीत परिषद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अनुष्ठान 'नमन' की दूसरी संध्या में दूसरी प्रस्तुति का था।पद्मश्री पं.शिवनाथ मिश्र अपने पुत्र देवव्रत मिश्र, पौत्र कृष्णा मिश्र और प्रशिष्य वत्स अग्निहोत्री के साथ मंचासीन हुए। इस यादगार प्रस्तुति के दौरान श्रेष्ठगुरु पं.शिवनाथ मिश्र ने आलाप से जो आधारशिला रखी उनके शिष्यों-प्रशिष्यों ने उसपर संगीत का विराट राजप्रासाद खड़ा कर दिया। अष्टहस्तस से निकला बेजोड़ जोड़ और आला किस्म का झाला हृदय में उतर गया। वादन की शुरुआत राग गोरख कल्याण में रूपक ताल में बंदिश से हुई। तीन ताल में बंद...
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