बुलंदशहर, सितम्बर 25 -- हजरत बाबा फरीद साबरी रहमतुल्लाह अलैह व हजरत बाबा मिस्कीन शाह ताजी रहमतुल्लाह अलैह के 110वें जश्ने ग्यारहवीं शरीफ एवं तीन दिवसीय वार्षिक उर्स का शुक्रवार तड़के कुल शरीफ की रस्म के साथ समापन हुआ। दरगाह के सज्जादानशीन सैयद शाह हुसैन मिस्कीनी ने देश की उन्नति, तरक्की, एकता और समृद्धि के लिए खास दुआ की। उर्स के दौरान चादरपोशी, गुलपोशी, मिलाद शरीफ, नातख्वानी, तकरीर और कव्वाली की महफिलें हुईं। लईक ताज कव्वाल व असद कव्वाल मेरठी ने सूफियाना कलाम पेश किए। रजबपुर अमरोहा दरगाह के सज्जादानशीन सलीम फरीदी, खलीफा हाजी अब्दुल मन्नान, दनकौर दरगाह खजूर वाली के खादिम गुलाम चिश्ती, डासना दरगाह के खादिम डॉ. सलीम साबरी, कांवरा के सूफी शेर मौ, हापुड़ दरगाह शाह विलायत के सज्जादानशीन तालिब साबरी व हाफिज नसीम मिस्कीनी मौजूद रहे। यह भी पढ़ें-...