तीन जिले में एक नैदानिक मनोचिकित्सक, कैसे बने प्रमाण पत्र
प्रयागराज, जून 23 -- प्रयागराज। प्रयागराज समेत तीन जिलों में केवल एक नैदानिक मनोचिकित्सक होने के कारण दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नैदानिक मनोचिकित्सक की नियुक्ति न होने से सोमवार को सीएमओ कार्यालय में हर सप्ताह होने वाली मेडिकल बोर्ड की बैठक में भी संबंधित डॉक्टर नहीं बैठते। इसलिए मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। एसीएमओ डॉ. नवीन गिरि ने बताया कि प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशाम्बी तीनों जिलों में केवल एक नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ. पंकज कोटार्य कार्यरत हैं। इसलिए दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों की जांच में मुश्किल आ रही है। यह भी पढ़ें- दिव्यांग जांच बोर्ड में पैनल के डॉक्टर नदारद, प्रमाण पत्र बनवाने आए दिव्यांग हो रहे परेशान क...
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