रांची, मार्च 30 -- रांची, संवाददाता। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में आयुष्मान योजना से जुड़े कैंसर मरीज प्रबंधन की ढुलमुल व्यवस्था से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। अव्यवस्था ऐसी है कि तीन घंटे की कीमोथेरेपी के लिए मजबूरी में मरीजों को तीन से पांच दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रत्येक दिन दर्जनों मरीज कीमोथेरेपी के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार ही करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह संकट इसलिए खड़ा हुआ है, क्योंकि कीमो की दवा आयुष्मान के तहत समय पर उपलब्ध नहीं हो रही। आयुष्मान के तहत दवा मंगाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो से तीन का समय लग जाता है। ऐसे में तय समय पर मरीजों को कीमोथेरेपी नहीं मिल रही। आमतौर पर डे केयर बेसिस पर कीमोथेरेपी दी जाती है। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।निजी केंद्रों में 8 से 10 ह...
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