फतेहपुर, जुलाई 30 -- फतेहपुर, संवाददाता। बारिश की उम्मीद में आसमान को ताकते हुए अषाढ़ गुजर गया। सावन का पहले दिन तीखी धूप में स्वागत किया। दोपहर काले बादलों को देख बारिश की आशंका नजर आई लेकिन उमड़ घुमड़ बादलों के हवा में उड़ते ही किसानों के चेहरे उतर गए। बारिश के अभाव में धान की रोपाई के बजाए लोग दूसरी फसलों को बोने लगे हैं। दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत ही रहती है। ऐसे किसान ज्यादातर असिंचित क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। किसानों ने जैसे तैसे खेतों में धान की रोपाई की लेकिन खेतों में पड़ी दरारे और मुरझाती धान की फसल बारिश की बूंदे मांग रही है। आषाढ़ माह में किसानों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद रहती है। लेकिन इस माह में औसत बारिश भी नहीं हो सकी है। जून माह से अब तक 278 मिमी बारिश के सापेक्ष महज 104 मिमी ह...