भभुआ, जून 27 -- जिन किसानों ने रोहिणी नक्षत्र में डाला था धान का बिचड़ा अब ले चुका है पौधा का रूप खेतों में मुरझा रहे पौधों को बचाने के लिए किसान डीजल पंप चलाकर कर रहे सिंचाई ग्राफिक्स 1.40 लाख हेक्टेयर भूमि में निर्धारित है धान की रोपनी 14 हजार हेक्टेयर भूमि में डाला गया है धान का बिचड़ा (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। यह भी पढ़ें- तीखी धूप से झुलस रहा धान का बिचड़ा, कैमूर के किसान चिंतितकिसानों की चिंताएँ कृषि प्रधान कैमूर जिले में रोहिणी नक्षत्र में डाले गए धान के बिचड़ा अब तैयार हो चले हैं। लेकिन, तीखी धूप के कारण पौधों की पत्तियां पीली होने लगी हैं। धान के पौधों की यह स्थिति देख किसान चिंतित हो रहे हैं। धूप से झुलस रहे बिचड़े को बचाने के लिए किसान डीजल पंप चलाकर हर दो दिन पर सिंचाई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि तीखी ...