गोरखपुर, जून 23 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। मृत अमित गुप्ता की आठ वर्षीय बेटी ज्योति सहमी है। आंखों में खौफनाम मंजर है। कहती है, मां के चीखने पर उसकी आंख खुली और चाचा ने मेरे सामने ही पिता का गला काट दिया। यह देखकर तीन वर्षीय भाई को बचाने की मिन्नत की, लेकिन उसके ही जान पर बन आई तो वह भागकर बाबा-दादी के पास गई। यह बताते-बताते वह फफक पड़ी। कभी भाई का खिलौना हाथ में लेती तो कभी मां के लिए आंसू बहा रही है। घरवाले उसे किसी तरह से संभाल रहे हैं। सहमी ज्योति बार-बार भयावह रात को याद कर सिसक उठती है। वह बताती है कि पहले चाचा लोहे की रॉड से मम्मी और पापा को मार रहे थे। शोर सुनकर उसकी नींद खुली तो वह डर के मारे बिस्तर पर ही बैठ गई। तभी उसने देखा कि पिता लहूलुहान होकर गिर पड़े। उसने अपने तीन वर्षीय भाई को बचाने के लिए आरोपी चाचा के सामने हाथ जोड़...