नई दिल्ली, अगस्त 20 -- हर्ष वी पंत,प्रोफेसर, किंग्स कॉलेज लंदन काबुल पर 15 अगस्त, 2021 काे तालिबान ने कब्जा किया था, यानी अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के पांच वर्ष हो गए, मगर आज भी यह मुल्क एक ऐसी विरोधाभासी स्थिति में फंसा हुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय नजरअंदाज नहीं कर सकता। इस इस्लामी संगठन ने पूरे अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है और विगत दो दशक से वहां जारी खूनी संघर्ष को काफी हद तक खत्म कर दिया है। अफगानिस्तान अंदरूनी तौर पर आज अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है, मगर वहां नागरिक आजादी, समावेशी संस्कृति का अभाव है और आर्थिक रूप से यह ज्यादा कमजोर है। साल 2021 के बाद से वहां जो सबसे बड़ा बदलाव दिख रहा है, वह है हिंसा में कमी। तालिबानी राजनीतिक व्यवस्था इसके सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। इसमें...