फतेहपुर, अप्रैल 7 -- फतेहपुर, संवाददाता। एनजीटी की फटकार के बाद दोआबा में तालाबों की लूट अब खुलकर कटघरे में है। सालों से इनपर कब्जा जमाकर उन्हें प्लॉट, मकान और व्यावसायिक जमीन में बदलने का खेल चलता रहा, लेकिन अब एनजीटी ने साफ कर दिया है कि यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा। कहा कि तालाब कोई खाली जमीन नहीं हैं, जिन्हें रसूखदार हड़प लेंगे।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने एक अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को चेताया है कि या तो तालाब बचाइए, या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहिए। अदालत ने प्रशासन की अब तक की रिपोर्ट को अधूरी और गैर-गंभीर बताते हुए साफ कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है। एनजीटी ने कहा कि तालाब कोई खाली जमीन नहीं हैं, जिन्हें रसूखदार लोग हड़प लें। यह सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर कब्जा...
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