हरदोई, मई 19 -- बिलग्राम। तहसील क्षेत्र के तोकलाबाद गांव में तालाब और चकमार्ग के किनारे लगे हरे-भरे फलदार पेड़ों को कटवाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान, लेखपाल और वन विभाग की गलत रिपोर्ट के आधार पर 12 से 15 वर्ष पुराने आम, जामुन और खजूर के पेड़ों की नीलामी करा दी गई। मंगलवार सुबह पेड़ों की कटाई शुरू होते ही गांव में हड़कंप मच गया। गांव निवासी जमील खां ने बताया कि उनके पिता ने करीब 15 वर्ष पहले तालाब और चकमार्ग के किनारे आम, जामुन और खजूर के पेड़ लगाए थे। वर्षों तक मेहनत कर और बाल्टियों से पानी ढोकर इन पेड़ों को तैयार किया गया। यह भी पढ़ें- गौराघाटी में देवदार कटान को लेकर भड़का जनआक्रोश पिछले तीन वर्षों से इन पर फल भी आने लगे थे और गांव के बच्चे व ग्रामीण आम-जामुन का आनंद लेते थे। जमील खां का आरोप है कि ...