भदोही, मई 13 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। उमस भरी गर्मी में मत्स्य पालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मछली की बीमारी को लेकर पालक गंभीर नहीं हुए तो बड़ा नुकशान झेलना पड़ सकता है। इन दिनों त्वचार बीमारी का खतरा मछली में बढ़ गया है। वहीं, तालाबों में ऑक्सीजन की कमी से भी मछलियां मर सकती हैं। प्रभारी जिला मत्सय अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि मछली पालकों को इन दिनों विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए पालक तालाबों में मानक के अनुरूप चूना का छिड़काव करें। वहीं, मछली में बीमारी का लक्षण दिखते ही उचित परामर्श लेकर दवा और सरसों तेल तालब में डाल सकते हैं। यह भी पढ़ें- जिले में मछली उत्पादन पांच गुना बढ़ाएं: तुषार सिंगला मत्स्य पालक तालाब में हमेंशा चार से छह फीट गहरा पानी रखें। पानी की कमी से मछली बीमार पड़ सकते हैं। वहीं, पानी ...