नई दिल्ली, जुलाई 29 -- देश की अदालतों में मुकदमों के बढ़ते बोझ को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में आंकड़े पेश करते हुए बताया है कि इस वक्त देश की अलग-अलग अदालतों में कितने मामले लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और निचली अदालतों के मामलों में मिला दें, तो पेंडिंग केसेस की संख्या 5 करोड़ तक पहुंच जाती है। सरकार ने हाईकोर्ट की स्थिति भी बताई है। राज्यसभा सांसद दिलीप कुमार राय द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG) के हवाले से यह जानकारी दी। सुप्रीम कोर्ट की बात करें यहां कई मामले 3 दशकों से लंबित हैं। SC में 30 साल से भी अधिक समय से 26 मुकदमे पेंडिंग हैं। वहीं 558 मामले 20 साल से ज्यादा समय से लंबित चले आ रहे...