तारीखों पर नहीं पहुंचे वादी और प्रतिवादी, 43 साल पुराना सिविल मुकदमा खारिज
बांदा, अगस्त 5 -- बांदा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) आयुषी पाण्डेय की अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ चल रहे 43 साल पुराने एक दीवानी मुकदमे को खारिज कर दिया है। अदालत ने यह कदम बार-बार पुकारने के बावजूद वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों के न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उठाया। यह मामला राधेश्याम आदि बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के नाम से 25 फरवरी 1983 को दर्ज हुआ था। पिछले 43 वर्ष, 5 महीने और 6 दिनों से अदालत में लंबित इस मुकदमे में दोनों पक्ष पिछली कई तारीखों से लगातार गायब चल रहे थे। अदालत ने वादी पक्ष को पैरवी के लिए पूर्व में कई अंतिम अवसर दिए, लेकिन कोई हाजिर नहीं हुआ। न्यायालय ने मामले की समीक्षा करते हुए माना कि इतनी लंबी अवधि बीतने के बाद अब वादीगण को अपने ही मुकदमे के निस्तारण में कोई रुचि नहीं रह गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की ग...
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