प्रयागराज, मई 5 -- प्रयागराज। अस्थमा के प्रति जागरूकता के लिए आज विश्व अस्थमा दिवस मनाया जा रहा है। अस्थमा (दमा) एक ऐसी संक्रामक बीमारी जो फेफड़े को खोखला कर देती है। समय से जांच व उपचार में देरी जानलेवा भी हो जाती है। ठंडा और गर्म दोनों ही मौसम अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक है। लेकिन धूल-धुंआ, एलर्जी, प्रदूषण व तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारी गंभीर हो जाती है। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के जब तापमान बढ़ता है तब फेफड़ों में सूजन और सांस लेने में तकलीफ पैदा करता है। गर्म व ठंड से मरीजों में खांसी, सांस फूलने, बलगम आने, छींक आने और नाक में जलन व सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगती है। 45 दिनों में आठ हजार मरीज पहुंचे ओपीडी यह भी पढ़ें- अस्थमा : बीमार से राहत पाने को जागरूता-बचाव ही अचूक हथियार अस्थमा से संबंधित आंकड़े एसआरएन अस्पताल के सांस व...