नई दिल्ली, जुलाई 16 -- एम अफशार आलम, पूर्व कुलपति, जामिया हमदर्द राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश से एक ऐसी उच्च शिक्षा व्यवस्था का वादा किया था, जो समझने में सरल हो, जिस पर भरोसा करना आसान हो और जो नियमन में आसान, मगर मानकों में सख्त हो। ठीक पांच वर्ष बाद 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक 2025' पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में पेश किया गया, जो इस वादे को कानूनी स्वरूप देता है। यह विधेयक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की जगह एक ही शीर्ष नियामक स्थापित करने का प्रस्ताव रखता है। यह बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। जिसने भी वर्षों तक किसी विश्वविद्यालय व्यवस्था के भीतर रहते हुए एक साथ तीन या चार नियामकों की मांगों में तालमेल बिठाने की कोशिश की है, उसके लिए यह एक स्वागत-योग...