नई दिल्ली, जनवरी 4 -- नई दिल्ली। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू पर उत्पाद शुल्क की नई संरचना के साथ करों में अभूतपूर्व वृद्धि से सिगरेट के अवैध व्यापार में उछाल आ सकता है। इसके चलते देश को महत्वपूर्ण कर राजस्व की हानि भी हो सकती है। इस सप्ताह की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में संशोधनों को अधिसूचित किया। नतीजतन सिगरेट की विभिन्न श्रेणियों में कुल कर वृद्धि 60-70 प्रतिशत तक हो जाएगी। इस समय कुल कर भार लंबाई के आधार पर लगभग 50-55 प्रतिशत है।

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