नई दिल्ली, जुलाई 2 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। उच्च न्यायालय ने तलाक की अर्जी के साथ पत्नी की निजी तस्वीरें दाखिल करने के लिए पति व उसके वकीलों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने माना कि यह कृत्य गंभीर चूक की श्रेणी में आता है, लेकिन प्रतिवादी पति व वकील ने माफी मांग ली है। इसलिए उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई उचित नहीं है। पीठ ने चेतावनी दी कि महिला से संबंधित मामलों में इस तरह की भविष्य में गलती नहीं होनी चाहिए। अवमानना ​​याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता महिला को अपनी पहचान छिपाने व संबंधित सामग्री की सुरक्षा के लिए फैमिली कोर्ट में जाने की छूट दी। यह भी पढ़ें- पति ने तलाक के साथ पत्नी की प्राइवेट तस्वीरें भी भेजीं, हाई कोर्ट ने कहा- हो जाती हैं ऐसी गलतियां

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