तलाक के लिए केवल लंबे समय से अलग रहना पर्याप्त आधार नहीं: हाईकोर्ट
रांची, जुलाई 29 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने पति की ओर से दायर तलाक की अपील खारिज करते हुए साहिबगंज फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि पति अपनी पत्नी के खिलाफ क्रूरता और परित्याग के आरोप साबित करने में विफल रहे, इसलिए तलाक देने का कोई आधार नहीं बनता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद एवं जस्टिस संजय प्रसाद की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। यह अपील साहिबगंज फैमिली कोर्ट द्वारा 23 फरवरी 2023 को पारित उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें पति की तलाक याचिका खारिज कर दी गई थी। पति का कहना था कि वर्ष 2008 में विवाह के बाद पत्नी ने उनके खिलाफ झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराते हुए कहा कि वह लंबे समय से अलग रह रही है और वैवाहिक जीवन निभाने से इनकार कर रही है। उन्होंने इसे मानसिक क्रूरता और परित्याग बताते हुए विवाह विच्छेद क...
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