विधि संवाददाता, जुलाई 4 -- High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत दिए गए तलाक-ए-हसन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि तलाक की वैधता को लेकर दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है। फैमली कोर्ट प्रथमदृष्टया संतुष्ट है कि तलाक मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार हुआ है, तो वह वैवाहिक स्थिति को तलाकशुदा घोषित करने से इनकार नहीं कर सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में परिवार न्यायालय की भूमिका केवल शादीशुदा स्थिति का सार्वजनिक रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने यह निर्णय एक मुस्लिम पति की ओर से दाखिल प्रथम अपील को स्वीकार करते हुए दिया है। इसके साथ ही लखनऊ के परिवार न्यायालय का वह आदेश निरस्त कर दिया, जिसमें तलाक की घोषणा स...