बहराइच, मार्च 5 -- बहराइच, संवाददाता। माह-ए-रमजान पर सुजौली में इबादत का सिलसिला निरंतर चल रहा है। सुजौली स्थित मस्ज़िद में रमजान की 13वें रोजे को तरावीह की नमाज मुकम्मल की गई। नमाज के दौरान हाफिज कुदरत अली ने क़ुरआन-ए-पाक के 30 पारे सुनाए। तरावीह के उपरांत विशेष दुआ का आयोजन किया गया। विशेष दुआ के आयोजन में नमाज़ियों ने अपने परिवार, इलाके, पूरे देश की सलामती, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। हाफिज कुदरत अली ने अपने संबोधन में कहा कि कुरआन शरीफ का एक बार मुकम्मल हो जाना तरावीह का समापन नहीं है, बल्कि रमज़ान की पहली रात से लेकर ईद-उल-फित्र के चांद के दीदार तक तरावीह का क्रम निरंतर जारी रहना चाहिए। इस अवसर पर मौलाना अजीम, इसरार खान, शकील अहमद, गुलाम वारिस, बबलू पठान, सिराज खान, मिस्टर खान, जफर आलम सलमानी, अंजना सिद्दीकी, रिजवान अंसार...