सिद्धार्थ, जून 29 -- इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। तराई के आंगन में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून माह समाप्त होने को है, लेकिन जिले में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश होने से खरीफ की प्रमुख फसल धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। खेतों में नमी की कमी और सिंचाई के साधनों की बदहाली ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि जिन्होंने समय से धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, अब रोपाई नहीं हो पाने से उनके बेहन खराब होने लगे हैं। प्रकृति की मार के साथ ही सिंचाई व्यवस्था भी किसानों का साथ नहीं दे रही है। इलाके से होकर गुजरने वाली अधिकांश नहरें सूखी पड़ी हैं, जबकि सरकारी नलकूप भी खस्ताहाल हैं। ऐसे में किसानों को निजी पम्पसेट के सहारे खेतों और नर्सरियों में पानी पहुंचाना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है。 य...