नई दिल्ली, मई 23 -- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने न सिर्फ राज्य की राजनीति को पलट कर रख दिया है, बल्कि इसका असर अब देश की राजधानी दिल्ली और संसद के भीतर भी दिखने लगा है। तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने के बाद केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा (BJP) इस टूट में अपने लिए संभावनाएं तलाश रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा राष्ट्रीय राजनीति और संसद के भीतर अपने आंकड़ों को मजबूत करने के लिए द्रमुक के करीब आने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। भाजपा के रणनीतिकारों को लगता है कि संसद में राष्ट्रीय मुद्दों पर द्रमुक का मुद्दों के आधार पर समर्थन हासिल किया जा सकता है। तमिलनाडु चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा द्रमुक का साथ छोड़कर सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) का दामन थामने से द्...