रांची, अगस्त 11 -- विशेष - अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस- फोटो है- रांची,संवाददाता। आर्थिक तंगी से जूझते घर, बरसों की मेहनत, और आंखों में एक अफसर बनने का सपना। झारखंड के हजारों मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं की यह कहानी है। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी उन्होंने खुद को संभाले रखा। साथ ही इस दौरान कई बार मानसिक तनाव ने घेरा पर हिम्मत नहीं हारी। परिवार से दूर, अकेले शहर के किसी कमरे में जब घरवालों की याद सताती, तब भी वे डटे रहे.. किताबों में डूबे, अपने सपनों को सींचते रहे। यह सिर्फ एक परीक्षा पास करने की जिद्द नहीं थी, यह एक पूरी पीढ़ी की गरिमा और भविष्य को बचाने की लड़ाई-लड़ रहें हैं।

महान संघर्ष लेकिन जब मेहनत और ईमानदारी की यह लड़ाई प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक और परीक्षा में हो रही धांधली के सामने आती है, तो यह सपना चकनाचू...