प्रयागराज, जून 24 -- प्रयागराज। अंतरजनपदीय तबादले के लिए कई परिषदीय शिक्षकों की ओर से लगाए गए दिव्यांगता और बीमारी के प्रमाणपत्र जांच के दायरे में हैं। हाल-फिलहाल सबसे चर्चित मामला सिद्धार्थनगर का है जहां एक शिक्षिका ने स्वयं के कैंसर पीड़ित होने का प्रमाणपत्र laga दिया था लेकिन जिन तिथियों में अस्पताल में उपस्थिति का दावा किया है उन्हीं तिथियों में स्कूल में भी मौजूद थीं। बिना सटीक जांच रिपोर्ट के कीमोथेरेपी शुरू करने का भी दावा किया गया था। सिद्धार्थनगर में ही ऐसे ही कुछ और मामले चर्चा में हैं। बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय को भी शिकायतें मिली हैं कि मनपसंद जिले में स्थानान्तरण के लिए कुछ शिक्षकों ने कूटरचित दिव्यांगता, कैंसर और डायलिसिस के प्रमाणपत्र बनवाकर जमा किए हैं। यदि दिव्यांगता एवं गंभीर बीमारी संबंधी प्रमाणपत्रों का समुचित परीक्ष...