बदायूं, सितम्बर 27 -- बदायूं, संवाददाता। जेल से भागे दो लाख के इनामी शातिर सुमित सिंह की यूपी एसटीएफ द्वारा गिरफ्तारी के बाद, एक ओर लोकल पुलिस के माथे पर लगा नाकामी का कलंक धुल गया है। वहीं दूसरी ओर उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्होंने सुमित को भगाने में मदद की थी लेकिन अब तक बेनकाब नहीं हो सके। पुलिस की तफ्तीश में अब मददगारों के नाम उजागर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। दरअसल सुमित जब जेल से भागा था, उसके पास और उसके साथी चंदन सिंह के पास 32 बोर की पिस्टलें पहुंच चुकी थीं। पिस्टलें इसलिए दी गई थीं ताकि भागने के बाद अगर कहीं पुलिस पीछा करे तो वे उनका सामना कर सकें। किस जगह रस्सी बांधनी है और दूसरा सिरा कैसे जेल के भीतर पहुंचाना है, इसकी रेकी भी पूरी तरह की गई थी। भागने के बाद किस दिशा में उन्हें स्कूटी सवार अमित और चंदन मिलेंगे, य...
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