गंगापार, जून 23 -- घूरपुर,हिन्दुस्तान संवाद रीवा हाईवे के नए यमुना पुल और चाकघाट के 45 किलोमीटर के बीच घूरपुर कस्बा के हाईवे पर विशाल इकलौता बरगद का  वृक्ष 150 साल से भी अधिक पुराना माना जाता है। ये बरगद का  पेड़ पूरे इलाके के लोगों सहित राहगीरों के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। इसकी वजह से आसपास के सैकड़ों घरों का भी वातावरण ठंडा रहता है। वहीं साथ ही भरी धूप में परिश्रम करके थक चुके ठेला वाले, रिक्शा वाले और पैदल चलते राहगीर अपनी थकान मिटाने कुछ देर के लिए आश्रय लेते हैं और थकान मिटने के बाद फिर अपनी मंजिल की ओर बढ़ जाते हैं।

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