रांची, सितम्बर 14 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। श्री साधुमार्गी जैन संघ की ओर से पर्यूषण महापर्व का सातवां दिन सोमवार को भक्ति दिवस के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में ज्योति ओस्तवाल ने अंतःगढ़ सूत्र का वाचन किया। इसके पश्चात स्वाध्यायी पुष्पा ओस्तवाल ने तपस्या, त्याग और संयम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कठोर तप संभव न हो, तो भी क्षमतानुसार छोटा त्याग अवश्य करना चाहिए। इससे आत्मबल, शारीरिक बल और मनोबल मजबूत होता है, जबकि आलस्य आंतरिक शक्ति को कमजोर करता है। रामामृतम ध्यान, सामूहिक गुरु वंदना और मांगलिक वाचन के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन राजेश पींचा ने किया। यह भी पढ़ें- पर्युषण पर्व:: छठे दिन भगवान महावीर के जीवन चरित्र का वाचन मौके पर मूलचंद सुराणा, जय जैन पींचा, राकेश बच्छावत, घेवरचंद नाहटा, सुमन बरम...