रुद्रपुर, अप्रैल 9 -- रुद्रपुर। छात्रों में बढ़ते पढ़ाई के तनाव, चिंता और बुलीइंग जैसी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अब विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में स्कूलों में प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति की जा रही है, ताकि छात्रों को समय पर मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग मिल सके। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नियमों के तहत अब प्रत्येक 500 छात्रों पर एक पूर्णकालिक काउंसलिंग एवं वेलनेस टीचर और एक करियर काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, विद्यालयों में नियमित रूप से करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र अपने भविष्य को लेकर बेहतर निर्णय ले सकें। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को जीवन कौशल (लाइफ स्किल्स) की शिक्षा भी दी जाएगी, जिससे वे तनाव, असफलता और सामाजिक दबाव जैसी परिस्थिति...