तनाव जिंदगी के साथ दूसरा चिपका हुआ शब्द : आनंदमूर्ति गुरुमां
फरीदाबाद, अक्टूबर 3 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। एनआईटी स्थित दशहरा ग्राउंड में ऋषि चैतन्य विजन फरीदाबाद की ओर से आयोजित चार दिवसीय 'ज्ञान, भक्ति, योग की अमृतवर्षा' समागम के तीसरे दिन परमपूज्य आनंदमूर्ति गुरुमां ने तनाव, मन पर नियंत्रण और ईश्वर भक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोभ, क्रोध और ईर्ष्या जीवन में तनाव को बढ़ाते हैं। भौतिक युग में हर व्यक्ति नंबर वन बनने की होड़ में है, जिसके कारण उसका मन और मस्तिष्क लगातार चिंतित रहता है। गुरुमां ने कहा कि अज्ञान, क्रोध और लोभ की अग्नि सबसे पहले मनुष्य को स्वयं जलाती है। जीवन में सुख और शांति के लिए सोच को व्यापक बनाकर जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखने वाला व्यक्ति सत्य की खोज में सफल होता है तथा उसके जीवन और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह भ...
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