बेगुसराय, मार्च 15 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। रमज़ानुलमुबारक तरबीयत का महीना है। इसका रोज़ा तक़वा और परहेज़गारी की सीख देता है। इसलिए अल्लाह ने अपनी पसंदीदा इबादत रोज़ा को इमान वालों पर फर्ज किया। इस माह-ए-मुबारक में एक मोमिन बंदा खुदा के अहकाम व कुरान-ए-करीम के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर एक बेहतर इंसान बन सकता है। यह बात जामा मस्जिद नुरूल्लाहपुर के पूर्व इमाम मौलाना मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब ने 25वें रमज़ानुलमुबारक के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि जहन्नम से छुटकारे वाला रमज़ान का अंतिम अशरा चल रहा है। इस अशरे में हम सभी रोज़ेदार खुदा की खास इबादत कर रज़ा-ए-इलाही हासिल करने की कोशिश करते हुए जहन्नम की आग से पनाह मांगने की दुआ करें। वहीं इस अशरे में हर इबादत के बाद जहन्नम की आग से छुटकारे के लिये दुआ करें, इंशाअल्लाह तब जाकर हम रोज़ेदारो...
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