वाराणसी, अक्टूबर 8 -- वाराणसी, विशेष संवाददाता। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की विरासत को सहेजने की दिशा में पर्यटन विभाग लमही स्थित पैतृक घर को संग्रहालय के रूप में विकसित कर रहा है। करीब 11.82 करोड़ से बन रहे संग्रहालय में प्रेमचंद के जीवन, संघर्ष, साहित्य और उनके दौर के सामाजिक-आर्थिक हालात को आधुनिक तकनीक के जरिए दर्शाया जाएगा। मुंशीजी की पुण्यतिथि 8 अक्तूबर को है। परियोजना के तहत प्रेमचंद के पैतृक आवास की मरम्मत, विद्युतीकरण और ड्रेनेज का काम किया जा रहा है। इसके अलावा स्मारक के पास हॉल, बाउंड्रीवाल की मरम्मत, तालाब का विकास, साइनेज, म्यूरल और स्कल्पचर जैसे कार्य भी शामिल हैं। संग्रहालय से जुड़े अनुसंधान केंद्र में भूतल पर एआर आधारित स्टोरीटेलिंग इंस्टॉलेशन, डॉक्यूमेंट्री, टिकटिंग और स्मृति वस्तुओं की दुकान बनाई जाएगी। वहीं प्रथम तल पर ...