कानपुर, जून 18 -- कानपुर। प्राकृतिक खेती के तकनीकी सत्र में आए 600 किसानों को अहम जानकारी देने के लिए बुलाया गया था। श्रीअन्न या मिलेट्स का उत्पादन कैसे करें को लेकर सीएसए विवि. की डॉ. श्वेता यादव, मौसम परिवर्तन के अनुसार कृषि प्रणाली एवं प्रबंधन पर डॉ. नौशाद खान, गौ आधारित प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, संभावना व तकनीकी प्रबंधन पर डॉ. उमानाथ शुक्ल, दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन विकास डा. रामजी गुप्ता और कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली फसल को लेकर डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी अहम जानकारी किसानों को दीं। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी बीजामृत, धनजीवामृत और जीवामृत की जानकारी दी गई। यह भी पढ़ें- रसायनिक खाद का किसान कम करें उपयोग यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती अपनाकर सुरक्षित करें मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती मृट्टी ...